Brahmavaivart Puran

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Diamond Pocket Books (P) Ltd. - 160 pages
 

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Contents

13
प्रकृति खण्ड 7 45
गणेश अड़ 77

Common terms and phrases

अंश अत अनेक अपनी अपने आदि आप इन्द्र इम इस प्रकार इसके इसी उई उग उगे उत्पन्न उन उनका उनकी उनके उन्होंने उस उसके उसी उसे एक ऐसा कर करके करते हुए करने कवच कश्यप कहा कि का कि है किया किया और की कृष्ण के लिए के साथ को गंगा गणेश गया गुरु चन्द्रमा जन्म जब जल जा जाता है जाने जी तक तथा तब तुम तो था थे दिया देखकर देखा देवी द्वारा धर्म ध्यान नन्द नहीं नाम नारद नारायण ने पति पत्नी पर परशुराम पार्वती पुत्र पुराण पूता प्राप्त फिर बताया कि बम बालक ब्रह्मण भक्ति भगवत् भी भेरी मन मुख मुझे मुनि मैं यब यम यमन यर यल यह यहा यहीं ये राजा राधा लगी लिया लेकिन वनों वल वह वहीं वाले विष्णु वे वेद शंकर शाप शिव श्री श्रीकृष्ण सभी से स्वयं ही हुआ हुई है और हैं हो गये होकर होता है होने

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